पद्म पुरस्कार में पक्षपात?

वीएसएनएल के पूर्व सीएमडी, और भारत में इंटरनेट के पितामाह श्री बी के सिंगल ने सरकार पर पद्म पुरस्कारों के वितरण में पक्षपात का आरोप लगा कर एक नयी बहस छेड़ दी है। पद्म पुरस्कारों में पक्षपात के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि कोई भी योग्यता को देख रहा है। वे विचारधारा को देख रहे हैं।”

वीएसएनएल के पूर्व सीएमडी, और भारत में इंटरनेट के पितामाह श्री बी के सिंगल ने सरकार पर पद्म पुरस्कारों के वितरण में पक्षपात का आरोप लगा कर एक नयी बहस छेड़ दी है।

सिंगल को भारत में इंटरनेट और डेटा सेवाओं के पितामाह के रूप में जाना जाता है, उनहोंने 1995 में संयुक्त राष्ट्र की अपनी नौकरी छोड़ कर भारत आने का फैसला किया। देश आ कर उन्होंने वीएसएनएल का काम संभाला और उसे नयी ऊंचाइयों तक ले गए. वीएसएनएल को लंदन स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट कराया और देश को तब तक का सबसे बड़ा विदेशी निवेश लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी.

बी के सिंगल ने 2 जी घोटाले को उजागर करने में भी ख़ास भूमिका निभायी।

देश की पांच दशक की अनुकरणीय सेवा के बावजूद, बीके सिंगल को किसी भी राष्ट्रीय सम्मान से नहीं नवाज़ा गया है. वे अब भी एक पद्म पुरस्कार का इंतजार कर रहे हैं।

पद्म पुरस्कारों में पक्षपात के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि कोई भी योग्यता को देख रहा है। वे विचारधारा को देख रहे हैं।”

“मुझे नजरअंदाज कर दिया जा रहा है क्योंकि मैंने कांग्रेस सरकार के दौरान सेवा की थी। लेकिन फिर मैंने 2 जी घोटाला भी उजागर किया? अगर मैं शाखा में जा रहा होता तो मुझे लगता है कि मुझे १० बार पुरस्कार मिल चुका होता.”

“मैंने देश के लिए बहुत कुछ किया है, विशेष रूप से सॉफ्टवेयर निर्यात, 2 जी घोटाला उजागर करना, निवेशकों को देश का परिचय देना, भारत से सबसे बड़ा जीडीआर लाना, इंटरनेट लाना। उम्मीद है मोदी जी मेरी सेवाओं को मेरे जीते जी संज्ञान में लेंगे.”

क्या आपको नहीं लगता की इस राष्ट्रीय हीरो को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया जाना चाहिए?

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