छोटा पैकेट बड़ा धमाका: भारत की युवा प्रतिभाएं अपना भी भविष्य बना रही हैं और दूसरों को भी प्रेरित कर रही हैं

 

भारत आज उभरती हुई प्रतिभाओं का देश बन गया है, जिनकी पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर है । ये युवा प्रतिभाएं कुछ बड़े स्टार्टअप्स के साथ प्रतियोगिता में हैं। इन युवाओं के साथ ही कई बच्चे भी हैं जो इस उद्यमिता की दौड़ में बने हुए हैं ।

नई तकनीक और कौशल का विकास करने वाली कुछ ऐसी ही प्रतिभाओं के बारे में आज हम आपको बता रहे हैं ।

  1. अंगद दरयानी

अंगद ने 8 साल की उम्र में अपना पहला रोबोट बनाया था और 13 साल की उम्र में भारत का पहला 3 D प्रिंटर । 19 साल की उम्र में ही उनका नाम कई स्टार्टअप्स के साथ जुड़ गया । वो आजकल भारत के बड़े शहरों को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक स्मॉग की समस्या से मुक्त करने के प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं।

  1. श्रवण और संजय कुमारन

इन 18 और 16 साल के भाइयों ने अब तक 12 एप लॉन्च किए हैं । उनकी कंपनी Godimensions देश की सबसे मुश्किल समस्यओं को सुलझाने की पेशकश करती है । दोनो भाई अपने लाभ का कुछ हिस्सा गरीबों को दान भी करते हैं । अब तक इन भाइयों ने IIM-B और TEDx कॉन्फ्रेंस के साथ ही कई महत्वपूर्ण संस्थानों में अपनी प्रेजेंटेशन दी हैं ।

आनंद गंगाधरन और मोहक भाला

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2004 में 15 साल के दो बच्चों ने एक ऐसा चार्जर बनाया जो जूते से बैटरी चार्ज करता था। आनंद और मोहक के इस डिवाइस से बैटरी चार्ज करने के लिए आपको बस पैदल चलना होगा । इनके द्वारा बनाया गया मोबाइल चार्जर 30 मिनट में 40% बैटरी चार्ज कर देता है।

  1. फरहाद एसिडवाला

फरहाद ने 13 साल की उम्र में ही उद्यमिता शुरू कर दी थी । कम उम्र में ही अपने माता -पिता से पैसे लेकर उन्होंने एक डोमेन खरीद और उस पर उन्होंने एक एविएशन और एरो मॉडलिंग कम्युनिटी बनाई । कुछ समय बाद उन्होंने इसे अच्छे दामो पर बेंच दिया । आज फरहान एक एडवरटाइजिंग और मार्केटिंग कंपनी के सीईओ हैं । उनकी कंपनी Rockstah media के पास डिज़ाइनर, डेवलपर और मार्केटिंग वालों की एक पूरी टीम है।

  1. बिस्मान देव

15 साल की उम्र में टिकाऊ लकड़ी की खोज करने वाली चंडीगढ़ की बिस्मान के काम को देश भर में सराहना मिली। वातावरण से जुड़ी हुई समस्यओं को देखते हुए उन्होंने GreenWood नाम की कंपनी शुरू की। अब 20 साल की हो चुकी इस युवा उद्यमी ने धान के कचरे से बनने वाली लकड़ी की खोज की है। आगे बढ़ते हुए उन्होंने एक कैंपेन “colour the world pink” की शुरुआत की है, ताकि वो और अधिक लड़कियों को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित कर सकें ।

ये युवा प्रतिभाएं हमारे देश के लिए गर्व की बात हैं । इनके प्रयास लोगों को कुछ नया करने की प्रेरणा देते हैं।

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